
किशोरी बालिकाओं के शिक्षा सुरक्षा स्वास्थ्य एवं विकास के लिए एक दिवसीय सशक्तिकरण शिविर का आयोजन
चंदनपुर जाफरगंज में हुआ जहां जाफरगंज व आसपास के 8 ग्राम पंचायतों के 108 लोगों ने भागीदारी कर *किशोरियां पाएं स्वास्थ्य व शिक्षा तभी बनेगा देश भी अच्छा* का जोरदार आगाज किया।
किशोरी बालिका सशक्तिकरण कार्यक्रम अम्बेडकरनगर व जन विकास केन्द्र भितरीडीह द्वारा आयोजित सशक्तिकरण शिविर को संबोधित करती हुई सचिव गायत्री ने कहा कि किशोरी शिक्षा किशोरावस्था की बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास के लिए दी जाने वाली आवश्यक शिक्षा और मार्गदर्शन है। इसको लेकर हमारा मुख्य उद्देश्य किशोरियों में स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता, माहवारी प्रबंधन और पोषण संबंधी जागरूकता देना, सही निर्णय लेने की क्षमता, आत्म-विश्वास और संवाद कौशल का बढ़ाना, घरेलू और व्यावसायिक कौशल जैसे सिलाई, सिलाई-कढ़ाई सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना, बाल विवाह, बाल श्रम और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ जागरूक करना तथा कानूनी अधिकारों की जानकारी देना है।
सामाजिक hकार्यकर्ता मनोज कुमार ने बताया कि 
किशोर स्वास्थ्य 10 से 19 वर्ष की आयु के किशोर किशोरियों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास से जुड़ा हुआ है। इस उम्र में बच्चों के शरीर और दिमाग में बहुत तेजी से बदलाव होते हैं। हार्मोनल बदलाव के कारण किशोरियों में माहवारी की शुरुआत, स्तनों का विकास और लंबाई में वृद्धि होती है। खानपान सही न होने से शरीर में खून की कमी (एनीमिया) और कमजोरी आम समस्या बन जाती है। पढ़ाई का दबाव, भविष्य की चिंता और हॉर्मोनल बदलाव के कारण डिप्रेशन, गुस्सा या आत्मविश्वास में कमी हो सकती है। हरी सब्जियां, फल और आयरन से भरपूर भोजन लेना चाहिए। माहवारी के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।फिट रहने के लिए खेलकूद और योग करें। दोस्तों और परिवार से खुलकर बात करें तथा नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहें।
कम्युनिटी मोबलाइजर श्रीमती निरकला ने किशोरियों की सुरक्षा पर महत्वपूर्ण टिप्स दिए। छोटेलाल ने पोषण व प्रतिरक्षण पर जागरूक किया। सुश्री वन्दना ने किशोरियों व उनके परिवार के विकास के लिए सरकारी योजनाओं पर जानकारी दिया।
सशक्तिकरण शिविर को सफल बनाने में विनोद कुमार सुहानी नैन्सी प्रिंसी बबली चांदनी साक्षी शिवांगी प्रीति सौम्या आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।






